LIVE UPDATE

Gaurela pendra marwahi: घोटाला: “3 दिन में कार्रवाई करो, नहीं तो ताला–चक्का जाम”—सरपंच-सचिव संघ का सीधा अल्टीमेटम

बिना सप्लाई करोड़ों का भुगतान, ऑपरेटर के मोबाइल पर आते रहे OTP—अधिकारियों पर मिलीभगत के गंभीर आरोप

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जनपद पंचायत गौरेला में 15वें वित्त आयोग की राशि में कथित करोड़ों रुपये के 15वे वित्त घोटाले को लेकर उठे विवाद ने अब उग्र रूप ले लिया है। मामले में 8 सचिवों के निलंबन के बाद सरपंच संघ और सचिव संघ में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लंबे समय से किसी ठोस कार्रवाई के अभाव और एकतरफा कार्रवाई  और निलंबन ने स्थिति को और गरमा दिया है।

संयुक्त रूप से मोर्चा खोलते हुए सरपंच-सचिव संघ ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जनपद पंचायत गौरेला के निलंबित सचिवों को 3 दिन के भीतर दोषमुक्त कर बहाल नहीं किया गया, तो वे सामूहिक हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे। संघ का कहना है कि बिना निष्पक्ष जांच के की गई यह कार्रवाई अन्यायपूर्ण है और इससे पूरे पंचायत तंत्र में असंतोष फैल रहा है।

ये खबर भी पढ़ें…
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में प्रशासन का बड़ा एक्शन! कर्तव्य में लापरवाही और अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना पर तीन पटवारी निलंबित
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में प्रशासन का बड़ा एक्शन! कर्तव्य में लापरवाही और अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना पर तीन पटवारी निलंबित
November 6, 2026
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में शासकीय कार्यों के प्रति लापरवाही बरतने और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी करने वाले तीन...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

जिलेभर के सैकड़ों सरपंच और सचिव रैली निकालते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, जहां तहसीलदार गौरेला को 5 बिंदुओं का विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर वास्तविक दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।

पंचायत प्रतिनिधियों को बनाया जा रहा बलि का बकरा

ये खबर भी पढ़ें…
गौरेला – पेंड्रा- मरवाही: हुतात्मा दिवस पर सेवा और समर्पण की मिसाल बना विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल, रक्तदान एवं स्वास्थ्य शिविर में लोगों ने लिया हिस्सा
गौरेला – पेंड्रा- मरवाही: हुतात्मा दिवस पर सेवा और समर्पण की मिसाल बना विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल, रक्तदान एवं स्वास्थ्य शिविर में लोगों ने लिया हिस्सा
November 6, 2026
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। हुतात्मा दिवस के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही द्वारा मानव सेवा और सामाजिक समर्पण...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

संघ ने स्पष्ट आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले में ग्राम पंचायत स्तर के सरपंच और सचिवों को गलत तरीके से जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जबकि भुगतान प्रक्रिया, तकनीकी नियंत्रण और वित्तीय संचालन पूरी तरह जनपद स्तर से संचालित होता है।

ये खबर भी पढ़ें…
पेंड्रा-राजस्व अधिकारी और भू-माफियाओं का एक और कथित फर्जीवाड़ा! पतगवां में आदिवासी जमीन का गैर-आदिवासियों के नाम नामांतरण, फिर कई रजिस्ट्रियों का खेल!
पेंड्रा-राजस्व अधिकारी और भू-माफियाओं का एक और कथित फर्जीवाड़ा! पतगवां में आदिवासी जमीन का गैर-आदिवासियों के नाम नामांतरण, फिर कई रजिस्ट्रियों का खेल!
November 7, 2026
पेंड्रा। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में जमीन से जुड़े विवादों के बीच पेंड्रा तहसील क्षेत्र के ग्राम पतगवां से आदिवासी भूमि के...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

संघ का कहना है कि पंचायत प्रतिनिधियों को न तो तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया और न ही उन्हें ऑनलाइन भुगतान प्रक्रिया की समुचित जानकारी दी गई, जिससे वे इस सिस्टम पर पूरी तरह निर्भर रहे।

OTP के जरिए हुआ खेल, ऑपरेटर की भूमिका संदिग्ध

ज्ञापन में सबसे गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि ई-ग्राम स्वराज पोर्टल में सरपंच और सचिवों के मोबाइल नंबर की जगह कंप्यूटर ऑपरेटर का मोबाइल नंबर दर्ज कर दिया गया था। इसके चलते सभी भुगतान से जुड़े OTP सीधे ऑपरेटर को प्राप्त होते रहे। संघ का दावा है कि इसी का फायदा उठाकर कथित रूप से बिना पंचायत प्रतिनिधियों की जानकारी और अनुमति के बड़े पैमाने पर भुगतान किए गए।

बिना काम और सप्लाई के करोड़ों का भुगतान

संघ ने आरोप लगाया है कि कई मामलों में बिना किसी सामग्री आपूर्ति या कार्य के ही वेंडरों को लाखों-करोड़ों रुपये का भुगतान कर दिया गया।

चौंकाने वाली बात यह है कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद अब तक न तो किसी प्रकार की एफआईआर दर्ज की गई है और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी, ऑपरेटर या वेंडर के खिलाफ ठोस कार्रवाई की गई है।

DSC अप्रूवल पर भी खड़े हुए सवाल

डिजिटल सिग्नेचर (DSC) की प्रक्रिया को लेकर भी संघ ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि डीएससी का अप्रूवल जनपद स्तर पर अधिकारियों द्वारा किया जाता है, इसके बावजूद अन्य पंचायतों के डीएससी से भुगतान होना पूरे सिस्टम की पारदर्शिता और सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता है।

जांच दल पर कठोर कार्रवाई की मांग__

जनपद के 15 वे वित्त शाखा प्रभारी के फाइलों की जांच जिसके आधार पर 15वे वित्त मद की राशि का ट्रांसफर हुआ उसकी जांच एवं जिन वेंडरों को राशि का भुगतान हुआ ,किस कार्य और किया सामग्री का किया गया है उसकी जांच की जाए साथ ही जांच दल के ऊपर भी कड़ी कार्यवाही की जाए जिसके द्वारा सचिव को दोषी बताया गया है मांग की गई है कि जनपद के 15वें वित्त शाखा प्रभारी से संबंधित सभी फाइलों की गहन जांच कराई जाए, जिनके आधार पर वित्त मद की राशि का ट्रांसफर किया गया। साथ ही जिन वेंडरों को भुगतान किया गया, उन सभी मामलों की भी विस्तार से जांच हो—किस कार्य के लिए राशि दी गई और वास्तव में कौन-कौन सी सामग्री या काम किया गया, इसकी सत्यता सामने लाई जाए।
आरोप यह भी है कि जांच दल ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए सचिव को दोषी ठहराया है, जबकि पूरे मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच जरूरी है। ऐसे में मांग उठ रही है कि जांच दल की भूमिका की भी समीक्षा की जाए और यदि किसी प्रकार की लापरवाही या पक्षपात सामने आता है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए।

एक साल बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

संघ का कहना है कि इस पूरे मामले को लगभग एक वर्ष बीत चुका है, लेकिन जिला पंचायत प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस और निर्णायक कार्रवाई नहीं की गई है। इससे यह संदेह गहरा रहा है कि कहीं जिम्मेदार अधिकारियों, ऑपरेटर और वेंडरों को बचाने का प्रयास तो नहीं किया जा रहा।

3 दिन का अल्टीमेटम, उग्र आंदोलन की चेतावनी

ज्ञापन में साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि यदि 3 दिनों के भीतर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई और पंचायतों के खाते बहाल नहीं किए गए, तो 26 मार्च 2026 से जिले के सभी सरपंच और सचिव अनिश्चितकालीन “काम बंद-कलम बंद” हड़ताल पर चले जाएंगे।

संघ ने स्पष्ट कहा है कि इस स्थिति की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

चरणबद्ध आंदोलन की पूरी रणनीति तैयार

संघ ने आगे के आंदोलन की रूपरेखा भी घोषित कर दी है—

30 मार्च 2026: जनपद पंचायत गौरेला में ताला बंदी

31 मार्च 2026: सेमरा तिराहा में चक्का जाम

संघ ने कहा है कि जब तक निष्पक्ष जांच कर वास्तविक दोषियों—तत्कालीन अधिकारी, संबंधित ऑपरेटर और वेंडर—पर कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

नेताओं ने लगाए गंभीर आरोप

जिला सरपंच संघ के अध्यक्ष लालचंद सोनवानी ने कहा कि पूरी कार्रवाई विधि के विरुद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी—वेंडर, कंप्यूटर ऑपरेटर और तत्कालीन सीईओ—अब तक कार्रवाई से बाहर हैं, जबकि निर्दोष सचिवों को निलंबित कर दिया गया है।

वहीं सचिव संघ के जिला अध्यक्ष किशन राठौर ने कहा कि कुछ ऐसे सचिवों पर भी कार्रवाई की गई है, जो उस समय संबंधित पंचायतों में पदस्थ ही नहीं थे। इससे साफ है कि बिना निष्पक्ष जांच के कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तत्कालीन सीईओ को बचाने के लिए पूरी कहानी गढ़ी जा रही है।

प्रदर्शन में उमड़ा जनसैलाब

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में सरपंच और सचिव मौजूद रहे। सभी ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इस अल्टीमेटम पर क्या रुख अपनाता है और क्या इस बहुचर्चित मामले में निष्पक्ष जांच हो पाती है या नहीं।

तहसीलदार का बयान

तहसीलदार गौरेला ने ज्ञापन प्राप्त करते हुए कहा कि सरपंच-सचिव संघ द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने बताया कि प्राप्त ज्ञापन को जांच हेतु उच्च कार्यालय को प्रेषित किया जाएगा।

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि पूरे मामले में नियमानुसार निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *